अष्टांगयोग (Ashtang Yoga) क्या है? जानिए फायदे ,कैसे करे शुरुआत

अष्टांग योग क्या है?
अष्टांग योग भारतीय योग की एक परंपरा है। जिसके जनक महर्षि पतंजलि है। अष्टांग योग में आठ अंग है और इसका उद्देश्य सिर्फ शरीर को स्वस्थ्य रखना नहीं बल्कि अपनी आत्मा और चेतना का विकास है।

अष्टांग योग के आठ अंग
यम
नियम
आसन
प्राणायाम
प्रत्याहार
धारणा
ध्यान
समाधि

यम क्या है?
अहिंसा – किसी भी जीव को मन या शरीर से कष्ट न देना।
सत्य- हमेशा सत्य बोलना या फिर सत्य का साथ देना।
अस्तेय – चोरी ना करना या दूसरे कि वस्तु पर अधिकार ना जमाना।
ब्रह्मचर्य – इंद्रियों पर संयम।
अपरिग्रह – जरूरत से ज्यादा इकठ्ठा ना करना।

नियम क्या है?
शौंच – शरीर और मन कि सफाई।
संतोष – जो है उसमें संतुष्ट रहना।
तप – शरीर और मन से तप करना
स्वाध्याय – स्वयं का अध्ययन और आध्यात्मिक पुस्तक पढ़ना
ईश्वर प्रणिधान – भगवान के प्रति समर्पण

आसन क्या है?
आसन मतलब वह स्थिति जिसमें शरीर स्थिर और सुखद रहे,और
आसन में योगासन आते हैं जैसे कि सूर्यंमसकर, ताड़ासन आदि

प्राणायाम क्या है?
प्राणायाम श्वास पे नियंत्रण और प्राण ऊर्जा का विस्तार है।
प्राणायाम में कपालभाति, अनुलोमविलोम,भ्रामरी आदि प्राणायाम आते है

प्रत्याहार क्या है?
इंद्रियों को बाहर कि विषयों से मोड़कर भीतर की ओर मोड़ना हि प्रत्याहार है।

धारणा क्या है?
धारणा मतबलब मन को किसी एक विषय पर केंद्रित करना।

ध्यान क्या है?
ध्यान मन को शांत एवं एकाग्र करने की साधना है।

समाधि क्या है?
समाधि यानी बुद्धि और चेतना की पुरी तरह स्थिर और एक समान हो जाना है, समाधि कोई करने की चीज नहीं है अगर आप योग में पारख होंगे तो समाधि अपने आप घटेगी।

अष्टांग योग के फायदे
अष्टांग योग के सिर्फ शारीरिक फायदे नहीं है बल्कि साथ में मानसिक और आध्यात्मिक फायदे भी है।

आपको एक नया इंसान बना बनाता है यानि आपका एक नया व्यक्तित्व बनता है।
शरीर को स्वस्थ और निरोगी रखता है
आत्मअनुशासन का विकास
आध्यात्मिक विकास
मन को शांत रखता है
शरीर में लचीलापन बढ़ाता है
एकाग्रता बढ़ाता है

अष्टांग योग कि शुरुआत कैसे करें?

अगर आप को अष्टांग योग कि शुरुआत करनी है तो सबसे पहले किसी एक योग गुरु को ढूँढिये और वो आपको बताएंगे कि कैसे करना है, लेकिन आप योग गुरु ढूँढने में असमर्थ है तो फिर आप
योग के मूल सिद्धांतों को समझिए। और बाद में किताबें पढ़कर या फिर यूट्युब पे बाबा रामदेव जी को देखकर भी सीखकर शुरुआत कर सकते हो

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *