ध्यान (Meditation) क्या है? जानिये फायदे सही तरीका और कैसे करे शुरुआत?

ध्यान (Meditation) क्या है?
मेडिटेशन एक ऐसी मानसिक प्रक्रिया है जिसमे ध्यान को किसी एक चीज पे केंद्रित करना होता है। जैसे कि सांस और किसी एक वस्तु।
अगर आप अपने जीवन को पूरी तरह बदलना चाहते है तो इसमें ध्यान आप की बहुत मदद करेगा। इसलिए आप ध्यान को अपने जीवनशैली का हिस्सा बनाइए।

ध्यान के फायदे
मन को वर्तमान क्षण मे लाता है
अगर आप नियमित ध्यान का अभ्यास करते है तो आप धीरे धीरे पूरी तरह से वर्तमान क्षण मे आते हो। फिर आपको ना भविष्य का डर रहेगा और ना भूतकाल का दुःख आप एक दिन को पूरे जीवन की तरह जीते हो।

नकारात्मकता का नाश
ध्यान करने से आपका मन शुद्ध होने लगता है और आप में गुस्सा, जलन और ईर्ष्या जैसे गुणों का नाश होने लगता है।

आत्मविश्वास में बढावा
ध्यान में इतनी ताकत होती है कि आपका आत्मविश्वास बहुत बहुत बढता है। जिससे आपके के व्यक्तित्व का विकास होने लगता है।

आपके वाइब्रेशन हाई रखता है
नियमित ध्यान के नियमित अभ्यास से आप बहुत सकारात्मक व्यक्ति बन जाते हो। और इससे आपकी वाइब्रेशन हाई रहती जिससे कि आप अपने जीवन सिर्फ अच्छा विचार करते हो आप सिर्फ अच्छा ही अपने जीवन में आकर्षित करते हो।

तनाव कम करता है
आज के इस युग में लोग काफी तनाव से जूझ रहे है। और उसकी वजह से बीमार हो रहे है लेकिन अगर आप ध्यान का अभ्यास करते हो तो ये आपको तनाव से मुक्त करने में काफी मदद करेगा।

एकाग्रता बढ़ाता है
ध्यान आप को एक फोकस व्यक्ति बना सकता है। जिससे कि आप अपने लक्ष्य के प्रति पूरे समर्पित हो जाओ।

ध्यान का सही तरीका क्या है?
वैसे तो ध्यान करने के बहुत सारे तरीके है जैसे कि
माइंडफुलनेस ध्यान, मंत्र ध्यान, चक्र ध्यान ट्रांससेंडल ध्यान
लेकिन में जो आपको तरीका बताने वाला हु उसका नाम है विपस्सना ध्यान जिसकी खोज साक्षात् गौतम बुद्ध जी ने कि थी।
विपस्सना ध्यान कैसे करे?
विपस्सना ध्यान बहुत आसान है आपको सिर्फ अपनी सांसों के प्रति सजग होना है। सिर्फ उसपे ध्यान रखना श्वास कैसे अंदर गई फिर रुकी फिर टकराकर वापस आई सिर्फ इतना ही करना है।

ध्यान (Meditation) ki शुरुआत कैसे करे

शांत जगह चुनकर बैठे
रीढ़ को सीधा रखे
सही मुद्रा का चुनाव करे
आंखें बंद करे
अपनी सांसों पे लक्ष्य केंद्रित करे, कैसे अंदर जाती है रुकती है फिर बाहर आती है।
पहले कुछ दिन बहुत तेजी से विचार आयेंगे उनको रोके नहीं और फिर अपना ध्यान अपनी सांसों पे केंद्रित करे।
धीरे धीरे समय बढ़ाए

कितनी देर तक करना चाहिए।
पहले कुछ दिन आप सिर्फ 5 मिनट करे फिर धीरे धीरे अपना समय बढ़ाए। ध्यान के लिए ऐसा कुछ फिक्स समय नहीं है की सिर्फ इतना ही करे। आप अपने मुताबिक तय करे लेकिन अगर आप सचमुच इसमें रुचि रखते हैं तो दिन के 30 मिनट जरूर करे। लेकिन शुरुआत 5 मिनट से ही करे अगर आप पहले दिन से 30 मिनट करोगे तो आप असफल हो जाओगे।

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