सुर्य नमस्कार क्या है?कैसे करे? फायदे,स्टेप्स और सावधानियां।

अगर आप योग कि शुरुआत करना चाहते है लेकिन समझ नहीं आ रहा है कि कहा से शुरु करे तो आप सुर्य नमस्कार से आपके योग की शुरुआत कर सकते। ये एकमात्र ऐसा आसन है जिससे पुरे शरीर कि कसरत होती है और शरीर लचीला और मजबूत बनता है बस शर्त ये है कि इसको निरंतर(consistency) के साथ करना होगा।
तो इस लेख में हम सुर्य नमस्कार के बारे में पूरा विस्तार से जानेंगे

सुर्य नमस्कार क्या है?
सुर्य नमस्कार यानि सुर्य को नमस्कार करना।इस योगासन मे 12 अलग अलग आसान आसन का समावेश होता है। जिससे पूरे शरीर व्यायाम हो जाता है। ये 12 आसान निश्चित क्रम में किये जाते है।

सुर्य नमस्कार करने का सही तरीका क्या है?
सुर्य नमस्कार को 12 स्टेप्स मे किया जाता है और इसमें सांस का भी ख्याल रखा जाता है।

सुर्य नमस्कार के 12 स्टेप्स (12 steps of Surya namaskar):
1.प्रणामासन
सबसे पहले अपने मैट पर खड़े हो जाए। अपने दोनों हथेलियों को एक साथ जोड़े छाती के सामने।
सांस को सामान्य रूप से लेते हुए कुछ देर तक इस स्थिति मे रहे।

2.हस्त उत्तानासन
अब गहरी सांस भरते हुए अपने दोनों हाथों को धीरे धीरे ऊपर उठाए। शुरुआत मे ज्यादा जोर ना डाले।

3.पाद हस्तासन
अब सांस छोड़ते हुए आगे कि ओर झुके और दोनों हाथों को पैरों के पास में जमीन पे टिकाने कि कोशिश करे।

4.अश्व संचालन
अब अपने एक पैर को पीछे ले जाए और दूसरे पैर को आगे रखे और घुटने को मोड़े। अपने हाथों को जमीन पे रखे और श्वास को सामान्य रूप से चलने दे।

5.दंडासन
अपने दुसरे पैर को भी पीछे ले जाते हुए शरीर को सीधा रखे और दोनो हथेलियों को जमीन पे रखे।

6.अष्टांग नमस्कार
अब अपने छाती,घुटने और ठुड्डी(chin) को जमीन कि ओर लाए।अब इस स्थिति में श्वास को रोककर रखे।

7.भुजंगासन
अब सांस भरते हुए शरीर के आगे वाले हिस्से को उठाए। भुजंगासन यानि कि (cobra pose)कि स्थिति में आए,

8.पर्वतासन
अब अपने कुल्हे को उठाते हुए अपने शरीर को v आकार में लाए।

9.अश्व संचालनासन
अब अपने पैरों को आगे लाएं और दुसरे पैर को पिछे रखे।यह पहले जो हमने किया वही है।

10.पाद हस्तासन
अपने पिछे वाले पैरो को आगे लाएं और दोनों पैरो पास में रखे, आगे कि ओर झुके।

11.हस्त उत्तानासन
अब साँस भरते हुए दोनों हाथों को ऊपर कि ओर ले जाए।

12.प्रणामासन
अब खड़े होकर दोनों हथेलियों को छाती के सामने जोड़े,इस स्थिति में श्वास सामान्य चलने दे

सुर्य नमस्कार के फायदे:

1.शरीर लचीला और मजबूत बनता है।
योग में सुर्य नमस्कार एक मात्र ऐसा आसन है जिससे पुरे शरीर को लाभ होता है।
सुर्य नमस्कार करने आपका शरीर एकदम लचीला और मजबूत बनता जिससे आपमें अलग लेवल का आत्मविश्वास आता है।

2.वजन प्रबंधन मे मदद करता है।
सुर्य नमस्कार करने से आपका वेट मैनेज रहता है। जिससे जिनका वजन ज्यादा है उनका कम होता है और जिनका कम है उनका बढ़ने लगता है।

3.शरीर को एक्टिव रखता है।
सुर्य नमस्कार करने से शरीर एकदम एक्टिव रहता है जिससे आप दिन भर में ऊर्जावान महसूस करोगे।

4.शरीर में ताकद बढ़ती है।
अगर आप हर रोज ये आसन करते हो तो आपने बहुत ताकद बढ़ेगी सिर्फ आपको निरंतरता से करना होगा।

5.पाचन मे सुधार
सुर्य नमस्कार करते वक्त आपके पेट पर भी जोर पड़ता है जिससे आपका पाचन तंत्र मजबूत होता है और आपके मेटाबॉलिज्म में भी सुधार होता है।

    1 दिन में कितने सुर्य नमस्कार करने चाहिए?
    तो इसका उत्तर है कम से कम एक दिन 12 सुर्य नमस्कार जरूर करने चाहिए।लेकिन शुरुआत में 1 या 2 से शुरू और धीरे धीरे बढ़ाए,लेकिन आपको 12 से ज्यादा नहीं करने चाहिए क्योंकि योग में बाकी आसन भी है आपको उसपर भी ध्यान देना चाहिए।

    सुर्य नमस्कार कब करना चाहिए सुबह या शाम?
    आप अपने हिसाब से कब भी दोनों वक्त में कर सकते हो लेकिन सुबह करना थोडा ज्यादा अच्छा रहेगा, लेकिन अगर आप शाम को करते हो तो सुर्य नमस्कार करने से पहले 3 घंटे कुछ भी मत खाइए दोनों टाइम।

    क्या सावधानियां रखनी चाहिए?
    शुरुआत में ज्यादा जोर ना डाले।
    शुरुआत में 1 या 2 हि करे।
    दर्द होने पर अभ्यास को रोखे।
    अगर आपको कोई मेडिकल कंडीशन हे तो अपने डॉक्टर या अनुभवी योग शिक्षक कि सलाह अवश्य ले।

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