बहुत लोग ऐसा पूछते हैं कि शरीर को लचीला बनाने के लिए क्या करे? तो इसका उत्तर है योगासन करे।
अगर आपके शरीर में काफी अकड़न आ चुकी है या फिर आपके शरीर में सुस्ती आगई है, तो इसमें योगासन आपकी काफी मदद करेगा।आज में आपको कुछ ऐसे योगासन बताने वाला हूं जिसका अभ्यास करने से आपके शरीर में काफी लचीलापन आएगा और आप ऊर्जावान महसूस करोगे।
लचीलापन (flexibility) बढ़ाने के लिए योगासन हि क्यों करे?
रक्त संचार: योगासन शरीर में रक्त संचार (Bloodcirculation)को अच्छा करता है जिससे शरीर कि अकड़न कम होती है और शरीर मजबूत और लचीला बनता है।गहरी सांस: योगासन करते वक्त गहरी सांस लेनी पड़ती जिससे मांसपेशियां शांत होती है।चोट का खतरा कम:अन्य उपायों कि तुलना में योग मे चोट का खतरा बहुत कम होता है इसलिए योगासन का चुनाव अवश्य करे।

कौनसे योगासन करे?
1) भुजंगासन(Cobra pose):
भुजंगासन ऐसा पोज है जिसमें पीठ पे ज्यादा जोर देना पड़ता हैजिसकी वजह से पीठ दर्द में भी राहत मिलती है।
कैसे करे?
सबसे पहले पेट के बल मैट पे लेट जाए।
पैरो के बीच थोड़ा अंतर रखे।
अपने हाथों को छाती के पास कंधों नीचे जमीन पे रखे।
अब सांस लेते हुए धीरे धीरे अपने सिर, गर्दन और छाती को ऊपर उठाए।
अपने नाभि और नाभि के निचले हिस्से को जमीन पर हि रखे।
अब इस पोजीशन को कम से कम 1 मिनट और ज्यादा से ज्यादा 5 मिनट तक होल्ड करे।
अब धीरे धीरे सांस छोड़ते हुए शुरुआत के स्थिति में आ जाए।
2) चक्रासन:
चक्रासन में आपको शरीर ऊपर उठाना पड़ता जिस वजह से लचीलापन भी बढ़ता और चेहरे पे चमक भी बढ़ती है।
कैसे करे?
पीठ के बल पे मैट पे लेट जाए।
दोनों हथेलियों को मोड़कर सिर के पास रखे।
दोनों घुटनों को मोड़कर पैरों को जमीन पर हि रखे।
अब धीरे धीरे सांस लेते हुए अपने शरीर को ऊपर उठाए।
इस आसान आप अपनी क्षमता के अनुसार होल्ड करे शुरुआत में आपको काफी तफ़लीक होगी।
अब धीरे धीरे सांस छोड़ते हुए सामान्य स्थिति में आ जाए।
3) शशांकासन:
शशांकासन मे कंधों और गर्दन मे लचीलापन बढ़ता है, और पोस्चर में भी सुधार होता है।
कैसे करे?
सबसे पहले मैट पर घुटनों के बल पे बैठ जाए वज्रासन की स्थिति मे।
सांस को छोड़ते हुए अपने दोनों हाथों को उठाकर धीरे धीरे कमर से आगे कि ओर झुके।
माथे को जमीन पे रखे और दोनों हाथों को सामने सीधा रखे, सांस को सामान्य रूप से ले।
कम से कम 1 मिनट और ज्यादा से ज्यादा 5 मिनट तक होल्ड करे।
अब सांस लेते हुए सामान्य स्थिति में आए।
4)पश्चिमोत्तानासन:
इस आसन में आगे तरफ झुकना पड़ता है जिसकी वजह से पीठ पे तनाव पड़ता है और शरीर (flexible) होता है।
कैसे करे?
सबसे पहले पैर सामने कि और करके सीधा बैठे।
पैरो को आपस मे मिलाकर पीठ को सीधा रखे।
सांस छोड़ते हुए कमर को आगे कि ओर झुकाए।
अपने हाथों से पैरो के पंजे को आराम से पकड़े।
सिर घुटने कि और लाने की कोशिश करे शुरुआत मे तकलीफ होगी पर जबरदस्ती ना करे।
इस स्थिति मे अपने हिसाब से रुके।
अब साँस भरते हुए धीरे धीरे शुरुआत कि स्थिति मे आ जाए।
5) धनुरासन:
धनुरासन करने से रीढ़ की हड्डी को लचीला और पाचन तंत्र मजबूत बनता है।
कैसे करे?
पेट के बल पर लेट जाए।
घुटने को मोड़ते हुए अपनी एड़ी को कूल्हे के पास ले जाए।
पिछे हाथ ले जाकर अपने दोनों हाथों से टखने (ankles) को मजबूती से पकड़े।
अब लंबी सांस लेते हुए अपने छाती और जांघों को उठाए और सारा वजन पेट पर होना चाहिए।
अब सामान्य सांस लेते हुए अपने हिसाब से रुके।
अब धीरे धीरे सांस छोड़ते हुए सामान्य स्थिति में आए।
6) बद्धकोणासन(Butterfly pose):
इस आसन को बटरफ्लाई पोज भी कहा जाता है। ये कूल्हे और जांघों कि फ्लेक्सिबिलिटी के लिए उपयोगी होता है।
कैसे करे?
मैट पे बैठकर दोनों तलवों को आपस मे जुड़ाए।
एड़ियों को शरीर के पास लाए।
रीढ़ को सीधा रखे।घुटनों को नीचे कि और जाने दे।
ज्यादा जोर ना लगाए कुछ देर इस स्थिति में रहे।
शवासन:
ये सब योगासन करने के बाद अंत मे शवासन जरूर करे। शवासन आपके मन और शरीर को पूरी तरह आराम देगा।
शवासन कैसे करे?
पीठ के बल पर लेट जाए।
दोनों पैरों को थोड़ा अलग रखें और पंजों को बाहर कि और रखे।
अपने दोनों हाथों को शरीर से थोडा दूर जरूर रखें अपने हथेलियों को ऊपर की तरफ रखें।पूरे शरीर को एकदम ढीला रखे।
इस स्थिति में कम से कम 5 मिनट तक रहे।
अब अपनी आंखे खोलकर धीरे से करवट बदलकर उठ जाए।
